MGNREGA की जगह लेगा VB-G RAM G: हर साल 125 दिन का गारंटीशुदा रोज़गार
सरकार ने 1 जुलाई 2026 से महात्मा गांधी नरेगा की जगह नया 'विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G लागू कर दिया है। इसका असर गांवों के उन परिवारों पर है जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक काम के लिए आगे आते हैं।
आपके लिए इसका मतलब
अगर आप गांव में रहते हैं और मज़दूरी का काम चाहते हैं, तो अब नरेगा की जगह VB-G RAM G के तहत काम मिलेगा। कानून हर वित्त वर्ष में 125 दिन के वेतन वाले रोज़गार की गारंटी देता है। काम के लिए e-KYC और फेस या बायोमेट्रिक से हाज़िरी दर्ज होगी, और मज़दूरी DBT से सीधे खाते में आएगी। गांव की योजना बनाने में ग्राम सभा की भागीदारी रहेगी।
मुख्य बातें
- VB-G RAM G अधिनियम, 2025 पहली जुलाई 2026 से लागू हुआ।
- हर वित्त वर्ष में 125 दिन के वेतन वाले रोज़गार की कानूनी गारंटी।
- 24 सितंबर 2026 तक 2026-27 में 10.88 करोड़ सक्रिय कामगार।
- महिलाओं की भागीदारी 2026-27 में 61.65 प्रतिशत।
- औसत मज़दूरी दर 300-450 रुपये प्रति दिन।
- 2026-27 के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 93,841 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन।
क्या बदला है
सरकार ने महात्मा गांधी नरेगा की जगह नया ‘विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G लागू किया है। VB-G RAM G अधिनियम, 2025 पहली जुलाई 2026 से लागू हुआ और इसे देश के सभी ग्रामीण इलाकों में शुरू किया गया है। नोटिस के मुताबिक नरेगा से इस नई व्यवस्था में बदलाव बिना किसी रुकावट के हुआ, क्योंकि इसके डिजिटल सिस्टम शुरुआत से ही काम कर रहे थे।
किसे फ़ायदा होगा
कानून हर वित्त वर्ष में 125 दिन के वेतन वाले रोज़गार की कानूनी गारंटी देता है। यह गारंटी उन सभी ग्रामीण परिवारों को मिलती है जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य के लिए खुद आगे आते हैं। नोटिस के अनुसार 2026-27 में 10.88 करोड़ सक्रिय कामगार हैं और महिलाओं की भागीदारी 61.65 प्रतिशत है। औसत मज़दूरी दर 300-450 रुपये प्रति दिन बताई गई है।
गांव की योजना अब कैसे बनेगी
इस कानून का मुख्य हिस्सा ‘विकसित ग्राम पंचायत योजनाएं’ (VGPP) हैं। ये योजनाएं ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की भागीदारी से बनती हैं, और ग्राम सभा इन्हें मंज़ूर करती है। पहले गांव की मौजूदा संपत्तियों और कमियों की सूची बनाई जाती है, फिर GIS, युक्तधारा और पीएम गति शक्ति जैसे डिजिटल माध्यमों से यह देखा जाता है कि कहां क्या कमी है। इस तरह तय होता है कि कौन-से काम पहले किए जाएं।
किन कामों पर ज़ोर
नई रूपरेखा चार क्षेत्रों पर ध्यान देती है: जल सुरक्षा, बुनियादी ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से जुड़ी अवसंरचना और खराब मौसम की घटनाओं से बचाव। इन क्षेत्रों में 318 प्रकार के काम मंज़ूरी के दायरे में रखे गए हैं। योजनाएं ब्लॉक, ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ी जाती हैं।
काम और पैसा कैसे जुड़े हैं
हाज़िरी e-KYC और फेस या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से दर्ज होती है, और काम की निगरानी जियो-टैगिंग व इलेक्ट्रॉनिक मेज़रमेंट बुक्स से होती है। मज़दूरी DBT से दी जाती है। 24 सितंबर 2026 तक 31.69 करोड़ से अधिक व्यक्ति-दिवस काम दिया गया और 2.83 लाख संपत्तियां बनीं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 93,841 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है, जिसमें से 25,880 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी हुई है।
मदद कहां मिलेगी
अधिक जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट vbgramg.dord.gov.in पर उपलब्ध है।
सवाल-जवाब
VB-G RAM G क्या है?
यह ग्रामीण इलाकों में रोज़गार और आजीविका की गारंटी देने वाला नया कानून है। VB-G RAM G अधिनियम, 2025 पहली जुलाई 2026 से लागू हुआ और इसने महात्मा गांधी नरेगा की जगह ली है।
VB-G RAM G में कितने दिन का रोज़गार मिलता है?
हर वित्त वर्ष में 125 दिन के वेतन वाले रोज़गार की कानूनी गारंटी है। यह गारंटी उन ग्रामीण परिवारों को मिलती है जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य के लिए खुद आगे आते हैं।
क्या नरेगा जॉब कार्ड अब भी चलेगा?
नोटिस के मुताबिक नरेगा से VB-G RAM G में बदलाव बिना किसी रुकावट के हुआ है। नोटिस में जारी किए गए ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्डों की कुल संख्या 15.17 करोड़ बताई गई है।
मज़दूरी का भुगतान कैसे होता है?
भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से होता है। 2026-27 में 3.76 करोड़ DBT लेनदेन दर्ज किए गए हैं।
VB-G RAM G के तहत किन कामों को मंज़ूरी है?
ढांचे में चार क्षेत्रों में 318 प्रकार के काम शामिल हैं। ये चार क्षेत्र हैं जल सुरक्षा, बुनियादी ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से जुड़ी अवसंरचना और खराब मौसम की घटनाओं से बचाव।
स्रोत: PIB, "विकसित भारत- जी राम जी", 24 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
आधिकारिक सूचना से मिलाया: 24 अक्टूबर 2026. यह ख़बर आधिकारिक सूचना से AI की मदद से लिखी गई और प्रकाशन से पहले संपादक ने जाँची। गलती बताएँ