FSDC की 30वीं बैठक: सीतारमण ने लावारिस बैंक जमा, शेयर और बीमा का पैसा जल्द लौटाने पर ज़ोर दिया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (FSDC) की 30वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में लावारिस वित्तीय संपत्तियों को सही मालिकों तक पहुंचाने और वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा मजबूत करने पर चर्चा हुई।
आपके लिए इसका मतलब
आम लोगों के लिए इस बैठक का सीधा असर यह है कि सरकार और नियामक लावारिस पड़े बैंक जमा, लाभांश, शेयर, डाकघर खाते, बीमा और पेंशन का पैसा असली मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया तेज़ करने पर सहमत हुए हैं। अगर आपका या आपके परिवार का पैसा किसी पुराने खाते, शेयर या बीमा पॉलिसी में अटका है तो यह खबर आपके लिए उपयोगी है। इस बैठक में कोई नई योजना, तारीख या आवेदन की प्रक्रिया घोषित नहीं हुई है, इसलिए अभी किसी को कुछ करने की ज़रूरत नहीं है।
मुख्य बातें
- बैठक 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई, यह FSDC की 30वीं बैठक थी।
- बैठक में भू-राजनीतिक अनिश्चितता, AI के बढ़ते इस्तेमाल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज़ उछाल जैसे जोखिमों पर चर्चा हुई।
- वित्तीय क्षेत्र पर साइबर सुरक्षा रणनीति (FSCSS) पर ध्यान दिया गया, जिसे DEA, DFS और MeitY के समन्वय से तैयार किया गया है।
- NRI और FPI के लिए KYC प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने पर चर्चा हुई।
- MSME पर विशेष ध्यान के साथ अकाउंट एग्रीगेटर और ULI फ्रेमवर्क जैसे सुधारों पर बात हुई।
- वित्त मंत्री ने नियामकों से लावारिस संपत्तियों की वापसी तेज़ करने और FSDC की बैठकें नियमित अंतराल पर करने का आग्रह किया।
बैठक में क्या हुआ
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में वित्तीय स्थिति एवं विकास परिषद (FSDC) की 30वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में परिषद के सदस्य भी मौजूद रहे। परिषद ने देश की वित्तीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों और उनसे निपटने के लिए भारत की तैयारियों पर चर्चा की।
किन जोखिमों पर चर्चा हुई
विज्ञप्ति के मुताबिक परिषद ने देश और दुनिया की वित्तीय स्थिति में उभरते रुझानों को देखा। इसमें भू-राजनीतिक अनिश्चितता, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते इस्तेमाल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज़ उछाल जैसी बातें शामिल हैं। परिषद ने कहा कि इन जोखिमों को कम करने के लिए पहले से सतर्क रहना और सुरक्षा के इंतज़ाम मजबूत करना ज़रूरी है। सदस्यों ने वित्तीय क्षेत्र के विकास के लिए नियामकों के आपसी तालमेल को और मजबूत करने का फैसला किया।
साइबर सुरक्षा पर ज़ोर
परिषद ने भारतीय वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा क्षमता की समीक्षा की। इसमें वित्तीय क्षेत्र पर साइबर सुरक्षा रणनीति (FSCSS) पर ध्यान दिया गया, जिसे नियामकों और साइबर सुरक्षा एजेंसियों वाले अंतर-मंत्रालयी समूह ने DEA, DFS और MeitY के सहयोग से तैयार किया है। बैठक में क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) की साइबर सुरक्षा तैयारियों को बेहतर बनाने पर भी बात हुई।
लावारिस पैसे पर सख्त रुख
वित्त मंत्री ने नियामक निकायों और जुड़े हितधारकों से कहा कि लावारिस संपत्तियों को उनके सही मालिकों को जल्द से जल्द लौटाने की प्रक्रिया तेज़ की जाए। इन संपत्तियों में बैंक जमा, लाभांश, शेयर, डाकघर खाते, बीमा और पेंशन फंड आदि शामिल हैं। परिषद ने जिला स्तर पर चल रहे “आपका पैसा, आपका अधिकार” अभियान की सराहना की और मंत्रालयों तथा नियामकों को निर्देश दिया कि सही मालिकों को समय पर पैसा मिले, इसके लिए और कोशिशें हों।
और किन मुद्दों पर बात हुई
परिषद ने पिछले फैसलों और बजट घोषणाओं को लागू करने की रणनीति पर भी चर्चा की। इसमें घरेलू निवेश को बढ़ाना, गिफ्ट-IFSC सहित निवेश के रास्ते बेहतर करना, NRI और FPI के लिए KYC प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाना शामिल है। इसके अलावा MSME पर विशेष ध्यान के साथ अकाउंट एग्रीगेटर और UPI जैसे डिजिटल फ्रेमवर्क को बढ़ावा देने, वित्तीय क्षेत्र में बिचौलियों की लागत घटाने और क्रेडिट गारंटी योजनाओं को व्यवस्थित करने पर भी बात हुई।
आगे क्या
वित्त मंत्री ने बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए परिषद से कहा कि FSDC की बैठकें तय कार्यक्रम के मुताबिक नियमित अंतराल पर हों। बैठक में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, वित्त मंत्रालय के कई सचिव, SEBI, IRDAI, IFSCA, PFRDA और IBBI के प्रमुख, CERT-In के महानिदेशक और FSDC सचिव मौजूद रहे।
सवाल-जवाब
FSDC की 30वीं बैठक कब और कहां हुई?
23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने की।
लावारिस संपत्ति का पैसा वापस पाने के लिए क्या करना होगा?
इस बैठक में आम लोगों के लिए कोई नई आवेदन प्रक्रिया या तारीख नहीं बताई गई। बैठक में सिर्फ नियामकों और मंत्रालयों से कहा गया कि वे पैसा लौटाने की प्रक्रिया तेज़ करें।
"आपका पैसा, आपका अधिकार" अभियान क्या है?
यह जिला स्तर पर चलने वाला अभियान है, जिसके तहत लावारिस वित्तीय संपत्तियां उनके सही मालिकों को लौटाई जाती हैं। बैठक में इस अभियान की सफलता की सराहना की गई।
क्या इस बैठक में बैंक जमा या ब्याज दरों में कोई बदलाव हुआ?
नहीं। विज्ञप्ति में ब्याज दरों या जमा से जुड़े किसी बदलाव का ज़िक्र नहीं है।
FSDC क्या है?
यह वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं। इसमें RBI गवर्नर और वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के प्रमुख सदस्य होते हैं।
स्रोत: PIB, "केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की 30वीं बैठक की अध्यक्षता की", 23 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
आधिकारिक सूचना से मिलाया: 24 अक्टूबर 2026. यह ख़बर आधिकारिक सूचना से AI की मदद से लिखी गई और प्रकाशन से पहले संपादक ने जाँची। गलती बताएँ